नशा सर्वप्रथम तो इंसान को शैतान बनाता है फिर शरीर का नाश हृदय है।शरीर के चार महत्वपूर्ण अंग हैं फेफड़े,लीवर, हृदय।शराब सबसे प्रथम इन चारों अंगों को खराब करती है।इन सब से निजात पाने के लिए संत रामपाल जी महाराज के सत्संग अवश्य सुनें।
देवता भी मनुष्य जीवन को तरसते हैं क्योंकि मोक्ष मनुष्य जीवन में ही हो सकता है।
और परमात्मा का विधान है कोई भी नशा करने वाला मोक्ष प्राप्त नहीं कर सकता और आप इस अनमोल जीवन को शराब पीने में बर्बाद कर रहे हो।
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